''हर रोज़ बढ़ रही हैं
बेरोज़गारी ''मेरे देश में ''
जनता है कर के बोझ में दबी भारी ''मेरे देश में "
''सरहद पर मरने वालो को मिलती है रेजगारी ''मेरे देश में ''
और करोड़ों का घोटाला करता ,नेता हैं भ्रष्टाचारी ''मेरे देश में ''
''जिनका रिश्वत बन गया हैं ईमान ''ऐसे कर्मचारी हैं ''मेरे
देश में ''
और जहाँ होती कभी पढाई नहीं ,वो स्कूल हैं सरकारी ''मेरे देश में ''
''यहाँ भूख से होती हैं मौत ,ऐसी व्यवस्था की लाचारी हैं ''मेरे देश में ''
और खुलेआम होती है आनाज की कालाबाजारी ''मेरे देश में ''
''कमर तोडती महंगाई की जनता है मारी ''मेरे देश में ''
थाली से दुर्लभ हो गई सब्जी तरकारी हैं ''मेरे देश में ''
''हजारों मौत का कारण बन जाती हैं ,छोटी सी बिमारी ''मेरे देश में ''
दवाओं के दाम हैं कई गुना भारी ''मेरे देश में ''
''ताक में दुश्मन बैठा करने को सेंधमारी ''मेरे देश में ''
और अपने ही पहरेदार को टोकते करने से पहरेदारी ''मेरे देश में ''
''जाने इस व्यवस्था की कैसी हैं लाचारी ''मेरे देश में ''
सड चुका हैं ये सारा तंत्र जो हैं सरकारी ''मेरे देश में ''
*************राजेश कुमार "आतिश"**************

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